खातू-कुंडलियाँ छंद
खातू मनके राज मा, खातू बर लुलवान।
खातू ले खेती हवै, का अब करन किसान।।
का अब करन किसान, अधर मा हवै किसानी।
कोन सुने गोहार, कोन दै खातू पानी।।
हें जे जिम्मेदार, सबे खाए के पातू।
संसो खाए खूब, कतिक कब मिलही खातू।।
जीतेन्द्र वर्मा'₹"खैरझिटिया"
बाल्को, कोरबा(छग)
जब तक चुनाव रिहिस
अच्छा दिन के हाव भाव रिहिस, जब तक चुनाव रिहिस।
आम जनता के हियाव रिहिस, जब तक चुनाव रिहिस।।1
आव अउ समस्या बताव रिहिस, जब तक चुनाव रिहिस।
अंडा मछरी भेल खाव रिहिस, जब तक चुनाव रिहिस।।2
तेल पानी गैस में ठहराव रिहिस, जब तक चुनाव रिहिस।।
नारा मा महँगाई दुरिहाव रिहिस, जब तक चुनाव रिहिस।।3
ईरान अमरीका संग जुराव रिहिस, जब तक चुनाव रिहिस।।
हारमुज ले बुलकत नाव रिहिस, जब तक चुनाव रिहिस।।4
संसो के नइ दिखत सिर पाँव रिहिस, जब तक चुनाव रिहिस।।
चारों खूंट विश्व गुरु के दबाव रिहिस, जब तक चुनाव रिहिस।।5
जीतेन्द्र वर्मा'"खैरझिटिया"
बाल्को, कोरबा(छग)
गिरगिट जैसा रंग बदलो, राज करोगे।
समय देखके संग बदलो, राज करोगे।।
अपनो से लड़ रहे है, दुश्मन को छोड़कर,
तौर तरीका जंग बदलो, राज करोगे।।
अंग बदलो, राज करोगे।
जंग बदलो , राज करोगे।
बंग बदलो,, राज करोगे।
भंग बदलो,, राज करोगे।