कोन हे
बात बात मा चिड़थस, बता बात कोन हे।
तोर पेट पिटारा उन्ना हे, ता खात कोन हे।
नसा नाश ए कहे, भट्ठी के ठेका दार मन,
ता मनखें मन ला दारू, पियात कोन हे।।
जय जवान जय किसान के, नारा रटथस,
फेर आपस मा दुनो ला, लड़ात कोन हे।।
जल जंगल जमीन के, करथस रोज बात,
ता लोहा हीरा कोइला ला, चोरात कोन हे।।
गारी गल्ला देय मा, हो जावत हे फांसी।,
मार काट के गली मा, मेछरात कोन हे।।
कोट कछेरी नाम सुनके, थरथर काँपे कोई,
ता कोट कानून के धज्जी, उड़ात कोन हे।।
जीयत मनखें, गड़ जावत हें कबर भीतरी,
ता जुन्ना बात ला घेरी बेरी, सुनात कोन हे।।
जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"
बाल्को, कोरबा(छग)
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