Monday, 19 October 2026

देवारी

 उल्लाला छंद


भुँइया के एको छोर हा,झन राहय अँधियार।

देवारी हा आये हवे,जुरमिल  के  दीया बार।


जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"

बाल्को(कोरबा)



मत्तग्यंद सवैया

चिक्कन चिक्कन खोर दिखे अउ चिक्कन हे बखरी घर बारी।

हाँसत  हे  मुसकावत  हे  सज  आज  मने  मन  गा  नर नारी।

माहर  माहर  हे  ममहावत  आगर  इत्तर  मा  बड़  थारी।

नाचत हे दियना सँग देखव कातिक के रतिहा अँधियारी।


जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"

बाल्को(कोरबा)




कुण्डलिया

लेवव  जय  जोहार  जी,बॉटव  मया   दुलार।

जुरमिल मान तिहार जी,दियना रिगबिग बार।

दियना रिगबिग बार,अमावस हे अँधियारी।

कातिक पबरित मास,आय  हे  जी देवारी।

कर आदर सत्कार,बधाई सबला देवव।

मया  रंग  मा रंग,असीस सबे के लेवव।


जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"

बाल्को(कोरबा)


दोहा-

देवारी   रिगबिग   बरय,हवे  बधाई   मोर।

माँ लक्ष्मी किरपा करे,काज सधे सब तोर।


जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"

बाल्को(कोरबा)

देवारी तिहार के बधाई हो

आप सबको सादर नमन करत

देवारी तिहार के सपरिवार गाड़ा गाड़ा बधाई🌺🌺🙏🙏

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