डीजे
जब ले डीजे आय हे, सब भिकिर भाकर होगे।
लगे देख अलकरहा, मनखें कुकुर माकर होगे।।
कानफोड़वा साउंड, हिरदे दरकत बेस।
कला दिखे बला मा, आगी लगे हे टेस।।
हो हल्ला हरहा होगे, सुर संगीत बर साँकर होगे।
जब ले डीजे आय हे, सब भिकिर भाकर होगे।।
ना कोनो हा सुनत हें, ना कोनो गुनत हें।
लोक लाज के पट ला, सबझन चुनत हें।।
पके बस ख्याली खिचड़ी, मया मीत डाँकर होगे।
जब ले डीजे आय हे, सब भिकिर भाकर होगे।।
छट्ठी बरही बर बिहाव, रमाएन गीता भगवद।
सबो मा हबरगे डीजे, होगे खदबद गदबद।।
कला कल्हरे कोंटा मा, बला घर नौकर चाकर होगे।
जब ले डीजे आय हे, सब भिकिर भाकर होगे।।
जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"
बाल्को, कोरबा(छग)
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