Saturday, 11 July 2026

तिहार देख ले

 तिहार देख ले

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आ हमर गांव के ,  तिहार देख ले।

सुग्घर लीपे-पोते,घर दुवार देख ले।


काय हरे हरेली,काय हरे तीजा-पोरा।

कोन-कोन तिहार बर,कईसन होथे जोरा।

झुमय नाचे सबो झन,मिन्झरे पिंयार देख ले।


राखी सवनाही ,सोम्मारी कमरछठ।

रांध के कलेवा,खाथे सबो छक।

झुलना झूले कन्हैया,मिंयार देख ले।


मुसवा संग मुस्काये,गली-गली गनपति।

जस गाये दाई दुर्गा के,मनाये सरसती।

राम जी के जीतई अउ,रावन के हार देख ले।


रामधुनी रामसत्ता,भागवत रमायेन।

दियना देवारी के,जगमग जलायेन।

परसा संग माते,नाचे खेत-खार देख ले।


पूजा-पाठ बर-बिहाव,मड़ई अक्ति छेरछेरा।

सुवा-करमा अउ गम्मत म,बीते कतको बेरा।

नांव के तिहार नही,इहां सार देख ले।

               जीतेंद्र वर्मा"खैरझिटिया"

                  बाल्को(कोरबा)

संकलित-गंवागे मोर गांव

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