Sunday, 5 July 2026

प्रिंट रेट के दुःख(MRP)- सरसी छंद

 प्रिंट रेट के दुःख(MRP)- सरसी छंद


आँय बाँय कीमत मा बिकथे, कतको अकन समान।

मूल्य लिखाये रहिथे भारी, देख निकलथे जान।।


दू रुपया के चीज घलो के, रइथे रेट पचास।

कतको मन खा जाथे धोखा, टूट जथे विश्वास।।

फिरिज फटाका दवा दरी के, धरे कोन हा कान।।

आँय बाँय कीमत मा बिकथे, कतको अकन समान।।


देखत हे सरकार घलो हा, तभो मुँदे हे नैन।

लूट मचे हे चारो कोती, आय कहाँ ले चैन।।

अधिकारी नेता बैपारी, गाँय मिला सुर गान।

आँय बाँय कीमत मा बिकथे, कतको अकन समान।।


एक बिसाये गार पछीना, एक भरे सन्दूक।

जेन ठगाये तेन बताये, काखर कर जा दुःख।

प्रिंट रेट झन होवै जादा, दै शासन हा ध्यान।

आँय बाँय कीमत मा बिकथे, कतको अकन समान।।


जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"

बाल्को, कोरबा(छग)

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