Tuesday, 16 June 2026

स्कूल जाबों-लावणी छंद

 स्कूल जाबों-लावणी छंद


गर्मी छुट्टी घलो सिरागे, फेर स्कूल अब खूलत हे।

घण्टी तख्ता कुर्सी टेबल, आँखी आघू झूलत हे।।


खाना पानी पुस्तक कॉपी, सब हियाव कर धरना हे।

खेल कूद अब कमती करके,पढ़ई लिखई करना हे।।

भारी भरकम बस्ता हावय, साँस देख के फूलत हे।

गर्मी छुट्टी घलो सिरागे, फेर स्कूल अब खूलत हे।।


बनही कतको झन स्कूल म, नवा नवा संगी साथी।

सबो किसम के ज्ञान ल पाबों, नइ छूटे माँछी हाथी।।

जघा जघा स्कूल खुले ले, अँधियारी पट धूलत हे।

गर्मी छुट्टी घलो सिरागे, फेर स्कूल अब खूलत हे।।


पढ़बों लिखबों आघू बढ़बों, देखे सपना सिरजाबों।।

पढ़े लिखे के मोल गजब हे, पढ़ लिख ज्ञानी कहिलाबों।।

पढ़े लिखे ते छुवै अगासे, पढ़े नही ते ढूलत हे।

गर्मी छुट्टी घलो सिरागे, फेर स्कूल अब खूलत हे।


जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"

बाल्को, कोरबा(छग)

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