Friday, 14 November 2025

गीत-मया

 गीत-मया

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फोकटे-फोकट मया,बदनाम होथे रे।

बुझथे  बाती ; दीया के , नाम होथे रे।


ये  झेख्खर  टूरा , लफरहा  मन।

बन -  बदऊर  के ,  थरहा   मन।

गोल्लर कस  मनखे , हरहा मन।

मया के रद्दा रेंगइया,अड़हा मन।

चढ़ मया के छानी म,आगी रुतोथे रे।

फोकटे-फोकट मया,बदनाम होथे रे।


जाने नही , पिरीत  तभो।

गाथे मया के, गीत तभो।

दू  दिन  घलो  नइ   चले,

बदथे मितानी-मीत तभो।

सोरियाथे मयारू ल,जब काम होथे रे।

फोकटे-फोकट मया , बदनाम होथे रे।


मया तो जग ल ,देखाय के आय।

कोनहा म थोरे, लुकाय के आय।

मया करइया ल,सब कोनो भाथे,

मया  बाँटे अउ , बताय के आय।

मया सबो बर होथे,मया धाम होथे रे।

फोकटे-फोकट मया,बदनाम होथे रे।

             जीतेन्द्र वर्मा "खैरझिटिया"

                          बालको(कोरबा)

                          9981441795

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