झालमुड़ी अभी के का?
डिही घर गांव गुड़ी, अभी के का।
ये बिंदिया ये चुड़ी, अभी के का।।1
रँग रँग के रोटी पीठा खात आवत हन,
ये भजिया ये पुड़ी, अभी के का।।2
कोनो ला गर्मी लगे, कोनो ला सर्दी,
तन लोर फोड़ा जुड़ी, अभी के का।।3
तँउरे के अलगे मजा हे नदी ताल के,
लहरा फोटका बुड़बुड़ी,अभी के का।।4
खात हें देखा देखा आज सब अचानक,
ये भेल झालमुड़ी, अभी के का।।5
जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"
बाल्को, कोरबा(छग)
No comments:
Post a Comment