बाँटा(दोहा)
बाँटे मा बाढ़े मया, बाँटे बाढ़े ग्यान।
बाँटे मा दुख कम लगे,खाये बाँट सियान।
पेट भरे के बाद मा ,आगर झन तैं बोज।
देदे भले भुखाय ला,तड़पय कतको रोज।
बाँचे बासी बाँट ले,बाँटव बाँचे साग।
दया मया ला बाँट ले,आही तभे सुराज।
बाँटे मा पहिचान बने,बाँट मान सम्मान।
देवन कस देवत रहा,हाथ खोल के दान।
मनखे मन ला बाँट झन,बाँट न इरसा द्वेस।
घर दुवार झन बाँट तैं,बाँट राज ना देस।
बाँटा बाँटय बैर ला, भाई भाई बीच।
बाँटा काँटा झन बनय, फूल मया के छीत।
भाई बसे परोस मा , टाँगे हे तलवार।
सगा दगा देवत हवे, होवे हाँहाकार।
जीतेंद्र वर्मा "खैरझिटिया"
बालको(कोरबा)
No comments:
Post a Comment