Thursday, 16 July 2026

शक्ति छंद

 शक्ति छंद


गड़ी चल ढुलाबों बना गड़गड़ी।

हवे तेल पानी म बड़ गड़बड़ी।।

बने हे तभो ले कहै गड़कड़ी।।

जुड़ावै इही सोच के अब नड़ी।।


खैरझिटिया

No comments:

Post a Comment