शक्ति छंद
गड़ी चल ढुलाबों बना गड़गड़ी।
हवे तेल पानी म बड़ गड़बड़ी।।
बने हे तभो ले कहै गड़कड़ी।।
जुड़ावै इही सोच के अब नड़ी।।
खैरझिटिया
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